27 अगस्त, 2016

जुलूस के बारें में चित्रा मुद्गल-वीडियो केलिए चित्र पर क्लिक करें।

26 अगस्त, 2016

प्रशिक्षण कोल्लम

कोल्लम जिला के अध्यापक प्रशिक्षण केंद्र के सभी प्रतिभागियों का सादर स्वागत।

27 अगस्त, 2014

अनुताप - सही रूप

---ये लोग नाटक भी खूब कर लेते हैं, इनके साथ हमदर्दी जताना बेवकूफी होगी--- अनाप-शनाप पैसे माँगते हैं, कुछ कहो तो सरेआम इज्जत उतारने पर आमादा हो जाते है असलम रिक्शे से उतर पड़ा था, दाहिना हाथ गद्दी पर जमाकर चढ़ाई पर रिक्शा खींच रहा था। वह बुरी तरह हाँफ रहा था, गंजे सिर पर पसीने की नन्हीं-नन्हीं बूंदें दिखाई देने लगी थीं---।


इज्जत उतारना - मर्यादा नष्ट करना
आमादा-तत्पर


16 जनवरी, 2014

CE MONITORING TEAM (DRAFT)

मोनिटरिंग टीम में कोई परिवर्तन की आवश्यकता है तो असली सूचि तैयार करने के पहले  फोण करें-
9400624403 (After 8 pm)


CE MONITORING TEAM, 2014 ATTINGAL CLUSTER (DRAFT)

20 दिसंबर, 2012

श्री.चंद्रकांत देवताले को साहित्य अकादमी पुरस्कार

प्रिय कवि चंद्रकांत देवताले जी को साहित्‍य अकादेमी पुरस्‍कार।
देवतालेजी की कविताएँ पढ़िए कविता कोश में 
यहाँ क्लिक करें
 

16 अक्टूबर, 2012

नागार्जुन की कविता-सच न बोलना


सच न बोलना / नागार्जुन




मलाबार के खेतिहरों को अन्न चाहिए खाने को,
डंडपाणि को लठ्ठ चाहिए बिगड़ी बात बनाने को!
जंगल में जाकर देखा, नहीं एक भी बांस दिखा!
सभी कट गए सुना, देश को पुलिस रही सबक सिखा!

जन-गण-मन अधिनायक जय हो, प्रजा विचित्र तुम्हारी है
भूख-भूख चिल्लाने वाली अशुभ अमंगलकारी है!
बंद सेल, बेगूसराय में नौजवान दो भले मरे
जगह नहीं है जेलों में, यमराज तुम्हारी मदद करे।

ख्याल करो मत जनसाधारण की रोज़ी का, रोटी का,
फाड़-फाड़ कर गला, न कब से मना कर रहा अमरीका!
बापू की प्रतिमा के आगे शंख और घड़ियाल बजे!
भुखमरों के कंकालों पर रंग-बिरंगी साज़ सजे!

ज़मींदार है, साहुकार है, बनिया है, व्योपारी है,
अंदर-अंदर विकट कसाई, बाहर खद्दरधारी है!
सब घुस आए भरा पड़ा है, भारतमाता का मंदिर
एक बार जो फिसले अगुआ, फिसल रहे हैं फिर-फिर-फिर!

छुट्टा घूमें डाकू गुंडे, छुट्टा घूमें हत्यारे,
देखो, हंटर भांज रहे हैं जस के तस ज़ालिम सारे!
जो कोई इनके खिलाफ़ अंगुली उठाएगा बोलेगा,
काल कोठरी में ही जाकर फिर वह सत्तू घोलेगा!

माताओं पर, बहिनों पर, घोड़े दौड़ाए जाते हैं!
बच्चे, बूढ़े-बाप तक न छूटते, सताए जाते हैं!
मार-पीट है, लूट-पाट है, तहस-नहस बरबादी है,
ज़ोर-जुलम है, जेल-सेल है। वाह खूब आज़ादी है!

रोज़ी-रोटी, हक की बातें जो भी मुंह पर लाएगा,
कोई भी हो, निश्चय ही वह कम्युनिस्ट कहलाएगा!
नेहरू चाहे जिन्ना, उसको माफ़ करेंगे कभी नहीं,
जेलों में ही जगह मिलेगी, जाएगा वह जहां कहीं!

सपने में भी सच न बोलना, वर्ना पकड़े जाओगे,
भैया, लखनऊ-दिल्ली पहुंचो, मेवा-मिसरी पाओगे!
माल मिलेगा रेत सको यदि गला मजूर-किसानों का,
हम मर-भुक्खों से क्या होगा, चरण गहो श्रीमानों का!

14 अप्रैल, 2012

विषु की बधाइयाँ


डॉ.श्रीविद्याजी को बधाइयाँ


कोल्लम मङ्ङाट सरकारी हायर सेकेंटरी स्कूल  की हिंदी अध्यापिका श्रीमती एल.के.श्रीविद्या को केरल विश्वविद्यालय से पी.एच.डी. की उपाधी प्राप्त हुई। मंजुल भगत का कथा-साहित्य आपका शोधविषय था और डॉ.एम.एस.विनयचंद्रन शोध निदेशक। डॉ.श्रीविद्याजी को केरल के हिंदी परिवार की ओर से हार्दिक बधाइयाँ। 

31 मार्च, 2012

केरल हिंदी प्रचार सभा की साहित्याचार्य हिंदी (फरवरी २०१२) परीक्षा में सर्व प्रथम स्थान अश्वति को

केरल हिंदी प्रचार सभा की साहित्याचार्य हिंदी (फरवरी २०१२) परीक्षा में सर्व प्रथम स्थान प्राप्त आट्टिंगल निराला हिंदी अकादमी की विद्यार्थिनी एस.अश्वति। पारिप्पल्ली किष़क्कनेला पुतुवल पुत्तन विला के श्री.जे.सुब्रह्मण्यन और श्रीमती तंकमणी की बेटी है।

हिंदी के मशहूर कवि लीलाधर जगूड़ी तथा नाटककार प्रकाश सहगल के साथ


27 मार्च, 2012

त्रिदीवसीय राष्ट्रीय कार्यशिबिर

राज्य शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण परिषद के तत्वावधान में  त्रिदिवसीय राष्ट्रीय हिंदी कार्यशिबिर तिरुवनंतपुरम वैलोप्पिल्ली संस्कृति भवन में २७ मार्च को शुरु हुई। शिबिर का उद्धाटन केरल विश्वविद्यालय के माननीय उपकुलपति डॉ.जयकृष्णन ने भद्रदीप जलाकर किया।संग्रथन पत्रिका के संपादक डॉ.वी.वी.विश्वन अध्यक्ष रहे। डॉ.बी.बंचमिन और डॉ.एम.एस जयमोहन ने आशीर्वाद भाषण दिए। श्रीमती के. चंद्रिका ने अतिथि गण का  स्वागत किया।डॉ.मूसा ने आभार प्रकट किया। केरल के सभी जिलाओं से उच्च माध्यमिक स्तर के करीब सौ अध्यापक शिबिर में भाग लेते हैं।

अतिथिभाषण देते हुए हिंदी के प्रसिद्ध कवि
श्री. लीलाधर जगूड़ी।